नई दिल्ली: बधाल गांव में एक रहस्यमयी बीमारी के कारण 17 लोगों की मौत हो गई है। इसके बाद इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित कर गांव को सील कर दिया गया है। सभी सार्वजनिक और निजी सभाओं पर रोक लगा दी गई है। साथ ही प्रभावित परिवारों को भोजन और पानी की आपूर्ति की निगरानी के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले से 55 किलोमीटर दूर स्थित बधाल गांव में एक रहस्यमयी बीमारी के कारण अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 13 बच्चे शामिल हैं। स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। गांव में स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के कर्मी पर्याप्त संख्या में तैनात किए जा रहे हैं ताकि रहस्यमयी बीमारी को फैलने से रोका जा सके। रहस्यमयी बीमारी की चपेट में आए परिवारों को आइसोलेट करने, जांच, भोजन और पानी उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव उपाय किए गए हैं।
गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भेजी गई अंतर-मंत्रालयीय टीम गांव में डेरा डाले हुए है और विभिन्न अध्ययनों में लगी हुई है। मुख्य सचिव ने टीम को हरसंभव एहतियाती उपाय करने और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रहस्यमयी बीमारी का पता लगाने के लिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, नई दिल्ली के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल, ग्वालियर के डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट, चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर माइक्रोबायोलॉजी विभाग, लखनऊ के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी एंड रिसर्च और आईसीएमआर-वीआरडीएल जैसे संस्थानों को शामिल किया गया है।
इस रहस्यमयी बीमारी से पहली बार 7 दिसंबर को 40 साल के फजल हुसैन और उनके परिवार के लोग संक्रमित हुए। इससे 8 दिसंबर को फजल हुसैन की मौत हो गई, इसके बाद परिवार के 4 और लोग एक-एक मरते गए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर गांव के 30 लोगों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया है। बधाल गांव में 585 घर हैं और यहां कुल 3,624 लोग रहते हैं।