दुर्गः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर 'मिशन साहसी' का आयोजन किया। 25 नवंबर से 2 दिसंबर तक स्कूलों, कॉलेजों और छात्रावासों में प्रशिक्षण शिविर के बाद दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में सामूहिक प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष अमृतेश शुक्ला ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मार्च 2018 में मुंबई की संस्था मिशन प्रहार के साथ मिलकर 'मिशन साहसी' अभियान की नींव रखी। इसके तहत अब तक 10,000 से ज्यादा बहनों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षिण दिया गया है।

प्रदेश सहमंत्री कुमारी राशि त्रिवेदी ने कहा कि महिलाएं हमारे समाज की नींव हैं। महिलाओं ने प्रत्येक क्षेत्र में देश और समाज को गौरवांवित किया है। चाहे वो महारानी लक्ष्मीबाई हो, रानी चेन्नमा हो, कल्पना चावला हो या देवी अहिल्या बाईं होलकर हो, आज के समय में यही हमारे आदर्श होने चाहिए। आत्मरक्षा का प्रशिक्षण कोई कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संकल्प है।

'मिशन साहसी' के तहत पिछले 6 वर्षों में ABVP ने 14 लाख से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा करना सिखाया है। ये अभियान न केवल बहनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में सहायक रही, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव का संदेश भी लेकर आई है।

इस अवसर पर डॉ मानसी गुलाटी ने कहा कि ABVP के 'मिशन साहसी' में ‘साहसी’ शब्द नया नहीं है, हो सकता है कि मिशन नया हो, लेकिन साहसी शब्द से हमारा पुराना नाता है। जिस धरती पर हम जन्मे हैं, जब बुराई ने हदें पार की, तो मां दुर्गा अवतरित हुईं और बुराई का अंत किया।

प्रशिक्षक गिरी राव ने कहा कि ABVP आंदोलन के साथ साथ रचनात्मक कार्य भी करती है। ये हमें देखने को मिला कि, छात्र हित के साथ साथ समाज हित में भी अनोखा काम केवल विद्यार्थी परिषद ही कर सकता है।

कार्यक्रम में शामिल छात्राओं ने भी कार्यक्रम के प्रति अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम न केवल आत्मरक्षा के कौशल सीखने का अवसर मिला, बल्कि इससे आत्मविश्वास भी कई गुना बढ़ गया।

नगर मंत्री निकेश कुर्रे ने कार्यक्रम में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से ABVP छत्तीसगढ़ की प्रदेश सहमंत्री बहन राशि त्रिवेदी, डॉ मानसी गुलाटी और ऋचा मिश्रा, प्रशिक्षक गिरिराव, दुर्ग नगर अध्यक्ष अमृतेश शुक्ला, नगर मंत्री निकेश कुर्रे और सैकड़ों की संख्या में छात्राएं शामिल हुईं।