रायपुरः छत्तीसगढ़ में करीब 65,000 स्कूल, 57 लाख 28 हजार से ज्यादा विद्यार्थी और 2 लाख 65 हजार से ज्यादा शिक्षक और कर्मचारी हैं। इतनी बड़ी संख्या में स्कूलों, बच्चों और शिक्षकों की मॉनिटरिंग कठिन है। सूचनाओं को इकट्ठा करने और उनके विश्लेषण में कठिनाई से बेहतर निर्णय प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। इस कठिनाई को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल क्रांति के विजन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किया है।
पीजीआई, निष्ठा और दीक्षा
इसके लिए NCERT के मार्गदर्शन में IIT भिलाई से सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के लिए MOU कर AI आधारित मॉनिटरिग सिस्टम तैयार किया गया है। इसके जरिए स्कूलों में सुविधाओं, शिक्षकों की पदस्थास्पना और योजनाओं के क्रियान्वयन की सतत मॉनिटरिंग की जा सकेगी। विद्या समीक्षा केंद्र पीजीआई, निष्ठा और दीक्षा.. इन 3 बिंदुओं के तहत काम कर रहा है। पीजीआई के तहत राज्य और जिलों की रैंकिंग की व्यवस्था है। इसी तरह निष्ठा के तहत विषय और पद के अनुसार शिक्षकों की उपलब्धता की जानकारी और दीक्षा के तहत स्कूलों में भोजन और किचन गार्डन जैसी योजनाओं की जानकारी डाटाबेस में सुरक्षित की जा रही है। भविष्य में AI के उपयोग से बच्चों के अकादमिक मूल्यांकन का विश्लेषण कर कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस किया जा सकेगा।
AI आधारित मॉनिटरिंग
AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम होने से पूर्वानुमान, विश्लेषण, स्व-रिपोर्टिंग और चैटबॉट जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। इससे डेटा विश्लेषण आसान हो गया है और समय की बचत होने के साथ शैक्षणिक रणनीतियों को लेकर बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिल रही है। SMC के जरिए बच्चों को बेहतर दिशानिर्देश देने में किसी तरह की कोई दिक्कत आए तो उसका त्वरित निराकरण भी संभव हो सका है। इसके लिए कॉल सेंटर स्थापित किया गया है, जहां विद्यार्थी, पालक और शिक्षक टोल फ्री नंबर पर कॉल कर शैक्षिक गतिविधियों से संबंधित समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग और आंकड़ों के विश्लेषण के लिए स्थापित विद्या समीक्षा केंद्र शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इस अभूतपूर्व प्रयोग से शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा और बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा।